रोज़ नई उम्मीद लगाता हूँ 💫
रोज़ नया दर्द पाता हूँ 😢💔

रोज़ नई उम्मीद लगाता हूँ 💫
रोज़ नया दर्द पाता हूँ 😢💔

मैं उसी मोड़ पर खड़ा हूँ 😞
जहाँ से तू मुड़ गया था 💔🖤

तू चला गया बिना कुछ कहे 💔
मैं रह गया बहुत कुछ सहे 😞🥀

वफ़ा का सिला बेवफ़ाई मिला 😢
प्यार का इनाम तन्हाई मिला 💔🖤

मोहब्बत का नतीजा दर्द है बस 😢
ये सच है जो मैंने जिया है 💔🥀

तू मेरे बिना ख़ुश है ये जानकर 😢
मेरा दर्द और बढ़ जाता है 💔🥀

जो कभी मेरी दुनिया था 💔
आज उसकी दुनिया में मेरी जगह नहीं 😞🖤

कुछ लोग दिल तोड़कर यूँ चले जाते हैं 💔
जैसे कुछ हुआ ही नहीं 😢🖤

प्यार किया था ख़ुशी के लिए 💫
पर मिला सिर्फ़ दर्द और तन्हाई 😢💔

कैसे कहूँ कि तेरे बिना ठीक हूँ 😞
जबकि हर पल तेरी कमी खाती है 💔

तेरा ग़म मेरी ज़िंदगी बन गया 😞
तेरा दर्द मेरी पहचान बन गया 💔🥀

मैं ने तुझे अपनी ज़िंदगी माना 💫
तूने मुझे बस एक राहगीर समझा 😞🥀

तेरा प्यार ज़हर था मीठा सा 🥀
पिया तो दर्द दे गया उम्र भर का 😢💔

रिश्ता तो तोड़ दिया तूने 💔
पर दर्द क्यों मेरे हिस्से में आया 😢🥀

ये जो रात है ना बहुत लम्बी है 🖤
तेरे बिना ये नींद ही नहीं आती 😢💔

आसमान भी आज बादलों से ढका है 🌧️
शायद वो भी मेरे साथ रो रहा है 😢💔

मेरे लबों पर मुस्कान झूठी है 😞
मेरी आँखों का दर्द ही सच्चा है 😢💔

तेरी आख़िरी मुस्कान याद है मुझे 💫
उसके बाद तो बस आँसू ही मिले 😭💔

ये ज़िंदगी एक सज़ा है तेरे बिना 😢
हर साँस एक बोझ है तेरे बिना 💔🖤

तू ने छोड़ा तो लगा ज़मीन खिसक गई 😞
पैरों तले से सब कुछ छिन गया 💔🖤

तेरी जुदाई में ये दिल पत्थर हो गया 🖤
अब कोई दर्द असर नहीं करता 😞💔

तू मिला तो लगा ज़िंदगी मिल गई 💫
तू बिछड़ा तो लगा ज़िंदगी छीन गई 😞💔

वो रातें याद हैं जब तू मेरे पास था 💫
अब बस ख़ालीपन है और अँधेरा 🖤😢

ख़ुदा से एक ही गुज़ारिश है मेरी 😞
इस दर्द से निजात दिला दे मुझे 💔🖤

तेरे बिना ये बहार भी पतझड़ लगती है 🥀
हर फूल में कोई ख़ुशबू नहीं 😞💔

इस दर्द ने मुझे बड़ा बना दिया 🖤
पर अंदर से बिल्कुल ख़ाली कर दिया 😞💔

मैं तुझसे नफ़रत नहीं कर सकता 💔
चाहे तू ने मुझसे कितना भी बुरा किया 😢

तेरे बग़ैर ये मौसम भी उदास है 🌧️
हर तरफ़ बस ख़ामोशी और सन्नाटा है 🖤💔

ज़िंदगी में बहुत कुछ खोया है मैंने 😞
पर तुझे खोना सबसे बड़ा ग़म था 💔🖤

तू ने मुझसे कहा था हमेशा साथ रहूँगा 💫
आज तू कहाँ है और मैं कहाँ हूँ 😞💔

इश्क़ में हारा हुआ इंसान हूँ मैं 💔
टूटे हुए ख़्वाबों का सामान हूँ मैं 😞🥀

ये दिल बेज़ुबान है पर दर्द बोलता है 😢
हर धड़कन में तेरा ही नाम गूँजता है 💔

हम ने चाहा था साथ बुढ़ापा काटेंगे 💫
पर तू तो जवानी में ही साथ छोड़ गया 😢💔

दर्द भी कभी-कभी रोने नहीं देता 😢
आँखें भी कभी-कभी भीगने से मना कर देती हैं 💔

हर सुबह उठकर सोचता हूँ आज अच्छा होगा 💫
पर शाम होते ही फिर दर्द लौट आता है 😢💔

तन्हाई में बैठकर पुराने गाने सुनता हूँ 🖤
हर गाने में तेरी याद मिल जाती है 😢💔

मोहब्बत में गिरना आसान है 💫
पर उठना बहुत मुश्किल 😢
मैं गिरा था तेरे प्यार में 💔
अब उठने की हिम्मत नहीं बची 😞

तू ही था मेरी ख़ुशी का सबब 💫
तू ही है मेरे दर्द की वजह 😞
तेरे साथ ज़िंदगी जन्नत थी 💔
तेरे बिना ये जीना भी सज़ा है 😭

कैसे भूलूँ उस इंसान को 💫
जिसने मुझे जीना सिखाया था 😢
वो ही इंसान आज मुझसे दूर है 💔
जिसने मेरे दिल में बसेरा बनाया था 😭

दिल ने फिर आज तेरा नाम लिया 💔
आँखों ने फिर आँसू बहा दिया 😭
क्यों भूलना इतना मुश्किल है तुझे 😢
जबकि तूने तो कब का भुला दिया 🖤

मैं अकेला हूँ पर तन्हा नहीं 🖤
क्योंकि तेरी यादें मेरे साथ हैं 😞
ये यादें ही मेरा सहारा हैं अब 💔
चाहे ये रुलाती हैं हर वक़्त 😭

तेरी बेवफ़ाई भी क़ुबूल है मुझे 😞
बस तू वापस आ जा एक बार 💔
मैं माफ़ कर दूँगा सब कुछ तुझे 🥀
पर ये तन्हाई अब बर्दाश्त नहीं होती 😭

हम तो बस एक मोड़ थे तेरी ज़िंदगी के 😞
तू हमारी पूरी ज़िंदगी था 💔
तू आगे बढ़ गया बेफ़िक्र होकर 💫
हम यहीं रुके हैं तेरे इंतज़ार में 😭

तू चाहता तो मैं सब कुछ दे देता 💫
पर तुझे तो बस मेरा दिल तोड़ना था 💔
मैंने दिया तुझे अपना सब कुछ 😢
फिर भी तेरे लिए मेरा कोई मोल न था 😭

तेरे बिना हर त्योहार सूना लगता है 😞
हर ख़ुशी का मौक़ा अब रुलाता है 😭
सब कहते हैं मना ले ख़ुशियाँ 💫
पर बिना तेरे ख़ुशी कहाँ से आती है 💔

तेरी हर याद एक ज़ख़्म है मेरे दिल पर 🥀
हर ज़ख़्म से ख़ून बहता है आँसू बनकर 😭
मैं सहता हूँ ये दर्द ख़ामोशी से 💔
क्योंकि शिकायत करने वाला कोई नहीं 😞

मैंने तुझसे प्यार किया ये मेरी ग़लती थी 💔
तूने मुझे छोड़ दिया ये तेरी फ़ितरत थी 😞
मैं टूट गया ये मेरा नसीब था 🥀
पर तू ने जो किया वो बहुत बुरा था 😭

ज़िंदगी ने सिखाया कि अपनों पर भरोसा मत करो 😞
जो सबसे क़रीब होते हैं वो ही तोड़ते हैं 💔
मैंने भरोसा किया और टूट गया 🖤
अब किसी पर यक़ीन करने से डरता हूँ 😭
